Lockdown 2020

तू उसे मान ख़ुदा ये तेरी मर्जी
मेरी नज़र में तो वो इंसां भी नहीं है

पांव नन्हे चल दिए 600 कोस भूखे पेट
हैरत तो ये है के तू हैरां भी नहीं है

उम्मीद ना थी, ना है, ना होगी कोई तुझसे
पास तो तेरे ख़ुद की जुबां भी नहीं ह |

हर कोई अपने ही शान में है,
जिसे देखो वो आसमान में है,

कल की भी खबर नहीं के होगा क्या
एक पैर शहर तो एक शमशान में है

फिर भी हर कोई अपने ही शान में है
जिसे देखो वो आसमान में है।

वो नशे में चूर है अभी ताकत के,
कह रहा है के सूरज निचोड़ देगा।।

दम फूल गए उसके चार दीए बुझाने में,
सोचा ना होगा एक दीया गुरूर तोड़ देगा ।।

बात सिर्फ अपनी नहीं है, अपनों का इससे वास्ता है।
वो जिसे मंज़िल समझ बैठा है, वो महज़ एक रास्ता है।

इन दिनों हजारों छलकी आंखें, बस उसे देख रही है एक उम्मीद से
और वो मशगुल अपने जश्न में, उसका इससे क्या राब्ता है।

Dedicated to Docs & Cops ONLY

वक़्त बदलेगा, फिजाएं बदलेगी।
जो है ख़िलाफ़ आज, ये हवाऐं बदलेगी

नहीं बदलेगी तो हिम्मत तेरी, साथ तेरा
उम्मीद बदलेगी, फिर निगाहें बदलेगी ।।

वक़्त ज़रूर बदलेगा, फिर फिजाएं बदलेगी
जो है खिलाफ आज, ये हवाऐं बदलेगी

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