मेरी ज़िन्दगी
Views: 243 मेरी ज़िन्दगी की बस यही बात रही है,कभी किसी से अपनी ना जज़्बात कही है, इस से भी ज्यादा क्या सबूत दे अपनी बेबसी काएक तू ही मेरे पास , मगर तू साथ नहीं है ।। हर ज़िन्दगी यहाँ दिखती यूँ परेशां सी क्यों है,लोग अपने ही किये कर्मो से अनजान से क्यों है,तक़दीर … Read more